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अर्जुन की छाल: हृदय स्वास्थ्य की कालजयी आयुर्वेदिक औषधि

 अर्जुन की छाल: हृदय स्वास्थ्य की कालजयी आयुर्वेदिक औषधि

Arjun ki chal


प्राचीन आयुर्वेद में जिन औषधियों का उल्लेख उनके अद्भुत गुणों और व्यापक प्रभावों के कारण बार-बार मिलता है, उनमें अर्जुन (Terminalia arjuna) का नाम सबसे ऊपर आता है। हृदय रोगों से लेकर उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल संतुलन और सूजन कम करने तक—अर्जुन की छाल सदियों से भारतीय चिकित्सा परंपरा का अभिन्न हिस्सा रही है।


आज आधुनिक शोध भी इस सत्य की पुष्टि कर रहे हैं कि अर्जुन की छाल वास्तव में हृदय-सुरक्षात्मक (Cardio-protective) गुणों से भरपूर है और शरीर को कई स्तरों पर लाभ पहुँचाती है।


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🔶 अर्जुन की छाल क्या है?


अर्जुन एक विशालकाय वृक्ष है, जो भारत के अधिकांश हिस्सों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसके तने की मोटी, भूरे-लाल रंग की छाल ही औषधीय उपयोग में आती है।

आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसे “हृदय-बल्य” यानी हृदय को बल देने वाली सर्वोत्तम औषधि कहा गया है।


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🔶 अर्जुन छाल के प्रमुख औषधीय गुण


अर्जुन का प्रभाव बहुआयामी है। इसके मुख्य गुण इस प्रकार हैं:


🔸 1. रसायन (Rejuvenative)


यह हृदय की मांसपेशियों को शक्ति देता है और संपूर्ण कार्डिएक फंक्शन को मज़बूत बनाता है।


🔸 2. एंटीऑक्सीडेंट गुण


यह फ्री-रेडिकल्स से शरीर को बचाता है और धमनियों की उम्र कम होने से रोकता है।


🔸 3. एंटी-इंफ्लेमेटरी


शरीर की सूजन शांत करता है—चाहे वह हृदय से संबंधित हो या शरीर के किसी अन्य हिस्से से।


🔸 4. हाइपोलिपिडेमिक (कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला)


LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम करता है और HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) बढ़ाता है।


🔸 5. एंटी-हाइपरटेंसिव


रक्त वाहिकाओं को चौड़ा कर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।


🔸 6. डाइयुरेटिक


शरीर से अतिरिक्त पानी और टॉक्सिन्स बाहर निकालता है।


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🔶 अर्जुन छाल किन बीमारियों में लाभकारी है?


1️⃣ हृदय रोग (Heart Diseases)


एनजाइना


हार्ट फेलियर


कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज


हार्ट पलपिटेशन


डोज: 3–6 ग्राम चूर्ण गर्म पानी/दूध के साथ।


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2️⃣ उच्च रक्तचाप (Hypertension)


ब्लड वेसल्स को रिलैक्स कर बीपी को स्थिर रखता है।


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3️⃣ कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण


LDL ↓


HDL ↑


धमनियों की सफाई

नियमित सेवन एथेरोस्क्लेरोसिस से रक्षा करता है।


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4️⃣ मधुमेह (Diabetes)


इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है और हृदय को मधुमेह जनित क्षति से बचाता है।


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5️⃣ पाचन तंत्र


कब्ज, गैस, अल्सर, एसिडिटी में राहत देता है।


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6️⃣ त्वचा रोग


घाव भरने, मुहांसे, एक्जिमा में लेप प्रभावी है।


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🔶 अर्जुन के प्रमुख आयुर्वेदिक योग (नुस्खे)


1️⃣ हृदय रोग नाशक काढ़ा (Arjunarishta)


सामग्री:


अर्जुन छाल – 50g


द्राक्षा – 50g


महुआ पुष्प – 25g


धातकी पुष्प – 25g


गुड़ – 100g


पानी – 2 लीटर


विधि:

सभी जड़ी-बूटियाँ 2 लीटर पानी में उबालें → 500 ml रहने तक पकाएँ → छानकर गुड़ मिलाएँ → 15 दिनों तक किण्वन के लिए रखें।


डोज: 15–30 ml, भोजन बाद।

लाभ: एनजाइना, हार्ट वीकनेस, कार्डियक स्ट्रेस।


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2️⃣ कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला चूर्ण


मिश्रण:


अर्जुन – 3 भाग


लहसुन – 1 भाग


त्रिफला – 2 भाग


डोज: 1 चम्मच सुबह खाली पेट।

लाभ: LDL कम, धमनियों की सफाई।


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3️⃣ उच्च रक्तचाप नाशक चाय


अर्जुन – 1 चम्मच


पुदीना – 1 चम्मच


ब्राह्मी – ½ चम्मच


10 मिनट उबालें, शहद मिलाकर पिएँ।

लाभ: तनाव कम, BP नियंत्रित।


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4️⃣ मधुमेह सहायक दूध


अर्जुन – 1 चम्मच


जामुन गुठली चूर्ण – 1 चम्मच


करेला चूर्ण – ½ चम्मच


दूध – 1 कप


उबालकर रात में पिएँ।

लाभ: शुगर बैलेंस + हृदय सुरक्षा।


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5️⃣ त्वचा रोगों का लेप


अर्जुन – 2 चम्मच


नीम – 1 चम्मच


हल्दी – ½ चम्मच


गुलाबजल – आवश्यकतानुसार


प्रभावित स्थान पर 30 मिनट लगाएँ।

लाभ: एक्जिमा, घाव, मुहांसे।


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🔶 सावधानियाँ


गर्भवती महिलाएँ बिना चिकित्सक सलाह के न लें।


किडनी रोगी अत्यधिक मात्रा से बचें।


जिनमें आयरन की कमी हो वे कम मात्रा लें (टैनिन आयरन अवशोषण रोकता है)।


सामान्य डोज: 3–6 ग्राम प्रतिदिन।


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🔶 आधुनिक शोध क्या कहते हैं?


✔ 2019 का अध्ययन


अर्जुन हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करता है और Ejection Fraction बढ़ाता है।


✔ 2021 का शोध


खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) 15–20% तक घटता है।


✔ WHO


इसे हृदय रोगों के लिए सुरक्षित और प्रभावी औषधि मानता है।


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🔶 DIP डाइट के साथ अर्जुन का प्रभाव और भी बढ़ जाता है


डॉक्टर बिशन चन्द्रा के DIP डाइट सिद्धांत के अनुसार, कम विषाक्त, प्राकृतिक भोजन के साथ अर्जुन के गुण तेज़ी से प्रभाव दिखाते हैं।


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निष्कर्ष


अर्जुन की छाल केवल एक जड़ी-बूटी नहीं, बल्कि हृदय स्वास्थ्य की प्राकृतिक रक्षा-कवच है।

सही मात्रा और सही संयोजन में यह हृदय से लेकर रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, पाचन और त्वचा तक—पूरे शरीर को लाभ पहुँचाती है।


यदि आप प्राकृतिक तरीकों से स्वास्थ्य सुधारना चाहते हैं, तो अर्जुन छाल एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प है—बशर्ते इसे सही दिशा-निर्देशों के साथ लिया जाए।..

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